महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में शोभायात्रा का शानदार आयोजन

 महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में शोभायात्रा का शानदार आयोजन






पुणे:  जैन समाज के चारों संप्रदायों ने मिलकर और अपने साथ परिसर के बाकी समाज को सम्मिलित कर महावीर जयंती के उपलक्ष्य में श्री सकल गंगाधाम महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिती की ओर से एक बहुत ही सुन्दर वरघोड़े को साकार कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। अत्यंत प्रसन्नता  और खुशहाली और स्नेहपूर्ण वातावरण में  इस वरघोड़े की शुरुवात बिबेवाडी गंगाधाम स्थित वर्धमानपुरा सोसाइटी के जैन मंदिर से हुई्। इस इलाके की सभी सोसायटियों से गुजरते हुए गंगाधाम फेज 2 के जैन मंदिर पर जाकर इस वरघोडे क़ा समापन हुआ्। आकर्षक पारंपरिक वेशभूषा, विशिष्ट रूप, लेजिम की धुन के साथ विभिन्न संगीत मंडलियों और ’त्रिसलानंदन वीर की...जय बोलो महावीर स्वामी की... जयकारे ’ के जयकारों के साथ शोभायात्रा निकालकर उन्हें नमन  और पूजन किया गया एवं इस शोभायात्रामें विधायक माधुरी मिसाल और लोकसभा के उम्मीदवार मुरलीधर मोहोळ शामिल हुए थे, ऐसी जानकारी महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिती के उमेश मांडोत ने दी।

अशोक हिंगड ने बताया की,  इस वरघोड़े के साथ 2000 से अधिक जैन अनुयायी भी पैदल चल रहे थे।  यह मनोरम दृश्य बस देखते ही बन रहा था।  जिस इलाके से यह वरघोड़ा गुजरा उन इलाके की अधिकांश सोसायटियों इसमें अपनी तरफ से  भरपूर सहयोग दिया जिससे इस वरघोड़े को पूर्णत्व प्राप्त हुआ्। इस भव्य शोभायात्रा में 5 रथ, 3 बैंड दल, 1 ढोल ताशा दल, 1 डीजे सिस्टम और हजारों की संख्या में नर-नारी,  बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए थे।  अहिंसा के प्रवर्तक भगवान महावीर स्वामी के वरघोड़ा की यह शोभा देखते ही बनती थी। फूलों से सजी बग्घी और बच्चों की किलकारियों से गूज रहे  रथ वरघोड़े की शोभा मैं चार चांद  लगा रहे थे। बात जैन ध्वजों की करें तो इन धर्मध्वजाओं का तो यहां जैसे समुंदर ठांठें मार रहा था।  सोने पे सुहागा का कार्य  इंद्र ध्वजा कर रही थी। बैंड, ढोल ताशे के साथ साथ डीजे पर भगवन महावीर के सुंदर स्तवन कानों को सुकून दे रहे थे और जन समूह को ताल पर थिरकने के लिए उत्साहित कर रहे थे। वरघोड़े के साथ पारंपरिक वेशभूषा में चलने वाली महिलाओं की संख्या न केवल उल्लेखनीय थी बल्कि उनके आस्था और भक्तिभाव को भी प्रतिबिंबित कर रही थी। उक्त सफल आयोजन को अदभुत छवि देते हुए अलौकिक व सर्वसराहनीय बनाने के लिए  उमेश मांडोत, अशोक हिंगड़, आनंद कटारिया, श्रीमती सारिका संचेती, दिनेश अग्रवाल,  अनिल पोरवाल, अनिल भंसाली,  नरेश जैन, ललित गुंदेचा आदि ने न केवल श्रम किया बल्कि हर दृष्टिकोण से इसे सफल बनाने के लिए विवेकशील नियोजन भी किया जिसके लिए  जैन अनुयायियों और अन्य समाज के लागों ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उल्लेखनीय है कि, सकल गंगाधाम महावीर जन्म कल्याण कार्यकारिणी समिती के उमेश मांडोत, अशोक हिंगड, आनंद कटारिया, दिनेश अग्रवाल, नरेश जैन, अनिल पोरवाल, बालचंद बांटिया, प्रवीण चोरबेले, सारिका संचेती, दिलीप जैन , तरुण मोदी, अनिल भंसाली, तेजराज धोका, संजय राठोड़, जितेंद्र राठोड़, मणिलाल राठोड, प्रवीण संघवी, पुनित परमार, नितिन शाह, राजेंद्र दुग्गड, अजित सेठिया, सचिन सरनोत, महावीर कटारिया  ,प्रकाश फुलफगर आदि का सक्रीय सहयोग रहा।  इसी प्रकार अशोक हिंगड़, आनंद कटारिया, सारिका संचेती, ललित गुंदेचा, महेश कोठारी,  ॠनितिन शाह, तरुण मोदी, राहुल परमार, वंदना संजय राठौड़ सहित शोभायात्रा में महिलाओं का अधिक समावेश था।

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