मौके की कद्र करो: शैलेन्द्र गोस्वामी का छात्रों को संदेश 'एमआईटी एडीटी' में स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2024 का हुआ भव्य शुभारंभ

 मौके की कद्र करो: शैलेन्द्र गोस्वामी का छात्रों को संदेश

'एमआईटी एडीटी' में स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2024 का हुआ भव्य शुभारंभ







पुणे: भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं से देश के छात्रों को नवाचार और शोध के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और एआईसीटीई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्मार्ट इंडिया हैकथॉन (एसआईएच) जैसे मंच छात्रों को अपनी रचनात्मकता और नवाचार को दुनिया के सामने लाने का अवसर देते हैं। ऐसे में छात्रों को इस मौके का पूरा लाभ उठाते हुए अपने कौशल का प्रदर्शन करना चाहिए। यह विचार पुष्कराज ग्रुप के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शैलेन्द्र गोस्वामी ने व्यक्त किए।


वे पुणे के एमआईटी आर्ट, डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय के राज कपूर सभागार में स्मार्ट इंडिया हैकथॉन-2024 के हार्डवेयर वर्ग की अंतिम प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के नवाचार अधिकारी अभिषेक रंजन, विश्वविद्यालय के प्र-कुलपति डॉ. मोहित दुबे, कुलसचिव डॉ. महेश चोपड़े, नोडल अधिकारी डॉ. रेखा सुगंधी, डॉ. निशांत टिकेकर, प्रो. सुरेश कापरे समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


भारत सरकार की ओर से आयोजित केंद्रीय समारोह का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, एआईसीटीई के चेयरमैन टी.जी. सितारामन और डॉ. अभय जेरे ने किया। उन्होंने भी छात्रों को मार्गदर्शन दिया। इस कार्यक्रम का प्रास्ताविक डॉ. दुबे ने किया, आभार प्रदर्शन डॉ. टिकेकर ने किया और संचालन का कार्य प्रो. स्नेहा वाघटकर ने संभाला।


गोस्वामी ने जताई उम्मीद

गोस्वामी ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों की क्षमताओं को दुनिया के सामने लाने का मंच हैं। यह न केवल उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देती हैं बल्कि देश की समस्याओं का समाधान खोजने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय की लगन और तैयारी की सराहना की। अभिषेक रंजन ने भी छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि, नवाचार की यह यात्रा न केवल उनके करियर को नई दिशा देगी, बल्कि भारत को 'विकसित भारत 2047' की परिकल्पना को साकार करने में मदद करेगी।


छात्रों की शानदार भागीदारी

प्रतियोगिता में आंध्र प्रदेश, बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पुडुचेरी, कर्नाटक, केरल, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, और तमिलनाडु से 29 टीमों ने हिस्सा लिया। अगले चार दिनों तक ये टीमें अपनी रचनात्मक सोच और अनूठे समाधानों का प्रदर्शन करेंगी।


प्रधानमंत्री मोदी ने किया संवाद, दी प्रेरणा

प्रतियोगिता के पहले दिन छात्रों को एक खास तोहफा मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से उनसे संवाद किया। उन्होंने छात्रों को "विकसित भारत@2047" की यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। छात्रों ने प्रधानमंत्री के सामने अपनी योजनाएं और समाधानों को साझा किया। प्रधानमंत्री ने उनके उत्साह और प्रयासों की सराहना करते हुए उनके सवालों के बेहतरीन जवाब दिए।

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