भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा डॉ. गौरव पोपट घोडे को विशेष सम्मान प्रदान किया गया है। माय स्टैम्प श्रृंखला के अंतर्गत उनका एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया है, जिसे विश्व डाक टिकट प्रदर्शनी में भी प्रदर्शित किया गया। यह सम्मान डॉ. घोडे के सामाजिक कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करने वाला है।



भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा डॉ. गौरव पोपट घोडे को विशेष सम्मान प्रदान किया गया है। माय स्टैम्प श्रृंखला के अंतर्गत उनका एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया है, जिसे विश्व डाक टिकट प्रदर्शनी में भी प्रदर्शित किया गया। यह सम्मान डॉ. घोडे के सामाजिक कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करने वाला है।
आज पुणे जीपीओ (प्रधान डाकघर) में आयोजित समारोह में इस विशेष डाक टिकट का औपचारिक अनावरण किया गया। पुणे जीपीओ के वरिष्ठ डाक अधिकारी ने डॉ. गौरव घोडे को यह टिकट सम्मानपूर्वक भेंट किया।

इस अवसर पर डाक विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने डॉ. घोडे को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी। कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे, जिससे यह आयोजन और अधिक भव्य तथा यादगार बन गया।

भारत सरकार का यह सम्मान उन व्यक्तियों को प्रोत्साहन देता है, जो समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।


डॉ. गौरव पोपट घोडे का सामाजिक योगदान

पुणे के निवासी 35 वर्षीय डॉ. गौरव पॉपट घोडे एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण सामाजिक कार्य किए हैं। उनके प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:
 • छत्रपति शिवाजी महाराज की अनुजवधू छत्रपति ताराराणी की समाधि का वज्रलेपन कर संरक्षण।
 • छत्रपति संभाजी महाराज के सुपुत्र थोरले शाहू महाराज के उपेक्षित जन्मचिह्नों का वज्रलेपन कर संरक्षण।
 • छत्रपति संभाजी महाराज की सुपुत्री भवानीबाई राजे महाड़िक की समाधि के समक्ष तTulsi वृंदावन का निर्माण कार्य जारी।
 • कुलदैवत खंडोबा मंदिर की मूर्ति का मरम्मत एवं लेपन कार्य।
 • मंदिरों में जरूरतमंदों के लिए अन्नदान सेवाएँ।
 • प्रत्येक शुभ एवं मंगलवार को महाआरती, मल्हार सहस्रनाम कव्वाली तथा श्रद्धालुओं को मार्तंड विजय ग्रंथ की हजारों प्रतियों का वितरण।
 • विभिन्न मंदिरों में निरंतर सेवा कार्य।
 • आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा सहायता।

डॉ. गौरव घोडे ये कार्य श्री स्वामी ओम मल्हारी प्रतिष्ठान के माध्यम से निरंतर रूप से संचालित कर रहे हैं।

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